संपत्ति कर वार्षिक मूल्य वृद्धि पर स्कूल प्रतिनिधियों के साथ महापौर की बैठक
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यूपी लाइव न्यूज 24 उत्तर प्रदेश
मुख्य संपादक प्रवीण सैनी लखनऊ
- *नगर निगम मुख्यालय में हुई अहम चर्चा, पुनर्मूल्यांकन के निर्देश*
लखनऊ: नगर निगम मुख्यालय में बुधवार को शहर के विभिन्न प्रतिष्ठित स्कूलों के प्रतिनिधि मंडल के साथ संपत्ति कर के वार्षिक मूल्य (एनुअल वैल्यू) में हुई वृद्धि के संबंध में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता माननीय महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने की, जिसमें नगर आयुक्त श्री गौरव कुमार भी उपस्थित रहे। इस दौरान स्कूलों द्वारा उठाई गई समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
*वार्षिक मूल्य निर्धारण में त्रुटियों का मुद्दा उठा*
बैठक के दौरान प्रतिनिधि मंडल ने संपत्ति कर के वार्षिक मूल्य निर्धारण में हुई संभावित त्रुटियों का मुद्दा महापौर के समक्ष रखा। उन्होंने बताया कि हालिया वृद्धि के कारण कई विद्यालयों पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ रहा है। इस पर महापौर ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मामले की जांच करने के निर्देश दिए।
*वरिष्ठ अधिकारियों और स्कूल प्रतिनिधियों की रही उपस्थिति*
बैठक में अपर नगर आयुक्त श्री पंकज श्रीवास्तव, श्री अरुण कुमार गुप्ता एवं डॉ. अरविंद कुमार राव, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी श्री विनय राय सहित सभी जोनल अधिकारी उपस्थित रहे। वहीं प्रतिनिधिमंडल में, सेंट जोसेफ स्कूल के एमडी श्री अनिल अग्रवाल, एक्सॉन मॉन्टेसरी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के मैनेजर श्री फरहान, पायनियर मॉन्टेसरी स्कूल के ओनर श्री बृजेंद्र सिंह तथा हॉर्नर कॉलेज महानगर की प्रिंसिपल डॉ. माला मेहरा भी बैठक में शामिल हुईं।
*सभी जोनों में पुनः सर्वेक्षण और रिपोर्ट देने के निर्देश*
महापौर ने सभी जोनल अधिकारियों को निर्देशित किया कि लखनऊ के सभी आठ जोनों में आने वाले संबंधित विद्यालयों का पुनः सर्वेक्षण कराया जाए। साथ ही वर्ष 2022 से संपत्ति कर के वार्षिक मूल्य का पुनर्मूल्यांकन करने को कहा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट 15 मई तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए, ताकि उचित निर्णय लिया जा सके।
*यूजर चार्ज ऑनलाइन जमा करने पर बनी सहमति*
बैठक में विद्यालयों द्वारा जमा किए जाने वाले यूजर चार्ज को एकमुश्त ऑनलाइन माध्यम से जमा करने का सुझाव भी दिया गया। इस प्रस्ताव पर प्रतिनिधि मंडल ने सहमति जताई और इसे लागू करने में सहयोग का आश्वासन दिया।